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शिक्षामित्रों ने मूल विद्यालय वापसी स्थानांतरण शीघ्र करने की किया मांग

 

*शिक्षामित्रों ने मूल विद्यालय वापसी स्थानांतरण शीघ्र करने की किया मांग*

*वर्षों पूर्व जारी हुआ था शासनादेश तीसरे सत्र की शुरुआत पर भी नहीं हो सकी शिक्षामित्रों  की मूल विद्यालय वापसी*

 *8000 मानदेय वृद्धि से मिलेगी शिक्षामित्रों को राहत, नियमितीकरण ही होगा न्याय* 

*टीईटी सीटीईटी उत्तीर्ण शिक्षामित्र 25 वर्षों से अधिक समय से प्राथमिक विद्यालय में है कार्यरत*

अम्बेडकर नगर। शिक्षामित्रों के मूल विद्यालय वापसी, स्थानांतरण का शासनादेश जनवरी 2025 में जारी हुआ था। लेकिन सरकार के उदासीनता व ढुलमुल रवैया के चलते शासनादेश जारी होने के बाद तीसरे सत्र की शुरुआत पर भी शिक्षामित्रों के मूल विद्यालय वापसी, स्थानांतरण की प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी। जिसके कारण शिक्षामित्रों को अल्प मानदेय में दूर दराज के विद्यालयों में पहुंच कर शिक्षण कार्य करने में परेशानियों का सामना करना पड़ता है। तथा अधिक तर मानदेय वाहन किराए के रूप में खर्च करना पड़ता है। जिसके कारण शिक्षामित्रों को अपना परिवार चलाना मुश्किल हो जाता है। शिक्षामित्र शिक्षक संघ अम्बेडकर नगर के जिलाध्यक्ष व शिक्षामित्र केयर समिति अम्बेडकर नगर के जिला संयोजक राम चन्दर मौर्य ने शिक्षामित्रों के मूल विद्यालय वापसी, स्थानांतरण प्रक्रिया शीघ्र पूरा किए जाने की मांग किया है। शिक्षामित्र जिलाध्यक्ष, जिला संयोजक राम चन्दर मौर्य ने कहा कि शिक्षामित्र लम्बे समय से मूल विद्यालय वापसी स्थानांतरण की आस लगाए बैठे हैं। शासनादेश जारी होने के बाद तीसरे सत्र की शुरुआत में भी मूल विद्यालय वापसी स्थानांतरण की प्रक्रिया शुरू न होने से शिक्षामित्रों में घोर निराशा व्याप्त है। मूल विद्यालय वापसी स्थानांतरण की प्रक्रिया शुरू न होने के कारण शिक्षामित्रों में रोष भी व्याप्त है। वहीं शिक्षामित्रों ने 8000 रूपए मानदेय वृद्धि को शिक्षामित्रों के लिए राहत बताया न्याय नहीं। जिलाध्यक्ष जिला संयोजक राम चन्दर मौर्य ने कहा कि जहां देश भर के शिक्षक टीईटी परीक्षा से मुक्त करने के लिए आन्दोलनरत है। बिना टेट पास शिक्षकों को सरकार द्वारा लाखों रुपए मासिक वेतन दिया जा रहा है। वहीं  शिक्षक पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण शिक्षामित्रों को भी मात्र दस हजार रूपए दिया जा रहा है। अब बढ़ाया भी जा रहा है तो मात्र 8 हजार रुपए जो परिवार चलाने के लिए अपर्याप्त है। इस कमर तोड़ मंहगाई में बूढ़े मां-बाप की दवाई बच्चों की पढ़ाई लिखाई व अन्य पारिवारिक जरूरतो को पूरा करना मुश्किल है। जिलाध्यक्ष जिला संयोजक राम चन्दर मौर्य ने कहा कि शिक्षामित्र शिक्षक की सभी योग्यता को पूरी करते हैं शिक्षामित्र स्नातक बीटीसी टीईटी व सीटीईटी उत्तीर्ण हैं तथा 25 वर्ष से अधिक लम्बे समय से बेसिक स्कूलों में शिक्षण कार्य कर रहे हैं उन्होंने कहा कि शिक्षक की सभी योग्यता पूरी करने वाले योग्य एवं अनुभवी शिक्षामित्रों को शिक्षको के रिक्त पदों पर समायोजित कर नियमित करना ही शिक्षामित्रों के लिए न्याय होगा। वहीं 8 हजार रुपए की मानदेय वृद्धि को आर्थिक राहत बताया। शिक्षामित्र जिलाध्यक्ष, जिला संयोजक राम चन्दर मौर्य,जिला महामंत्री मोहम्मद मोसीर खान, सुरेन्द्र कुमार यादव, सौरभ उपाध्याय, पंडित संजय शर्मा, राहुल सिंह, राम करन प्रजापति, राम अशीष वर्मा, सर्वेश कुमार ने शिक्षामित्रों के मानदेय वृद्धि के शासनादेश जारी होने पर सरकार को बधाई दी।

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