*13 फरवरी को 141 ईसीसीई एजुकेटरों को मिलेगा नियुक्ति पत्र, कलेक्ट्रेट सभागार में होगा समारोह*
*प्रारम्भिक बाल्यावस्था शिक्षा को मिलेगा नया आधार, अम्बेडकरनगर में ईसीसीई एजुकेटर नियुक्ति पत्र वितरण 13 फरवरी को*
*निपुण भारत मिशन को सशक्त करने की दिशा में बड़ा कदम, 141 ईसीसीई एजुकेटर होंगे नियुक्त*
अम्बेडकरनगर। 12 फरवरी 2026। शासन की मंशा के अनुरूप प्रारम्भिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा (ECCE) को सुदृढ़ एवं गुणवत्तापूर्ण बनाने की दिशा में जनपद अम्बेडकरनगर में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत चयनित ईसीसीई एजुकेटरों को नियुक्ति पत्र वितरित किए जाएंगे। जिलाधिकारी श्री अनुपम शुक्ला की अध्यक्षता में दिनांक 13 फरवरी 2026 को अपराह्न 12:00 बजे कलेक्ट्रेट सभागार, अम्बेडकरनगर में नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।
महानिदेशक, स्कूल शिक्षा, उत्तर प्रदेश, लखनऊ के निर्देशों के क्रम में बेसिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत को-लोकेटेड आंगनबाड़ी केंद्रों में मानव संसाधन के रूप में ईसीसीई एजुकेटर की संविदा के आधार पर आउटसोर्सिंग माध्यम से नियुक्ति प्रक्रिया पूर्ण की गई है। इस व्यवस्था के अंतर्गत ईसीसीई एजुकेटर का मानदेय ₹10,313 प्रतिमाह निर्धारित किया गया है। प्रथम चरण में जनपद के 141 को लोकेटेड आंगनबाड़ी केंद्रों हेतु जनपदीय चयन समिति द्वारा मेरिट सूची के आधार पर 141 अभ्यर्थियों का चयन पारदर्शी एवं निष्पक्ष प्रक्रिया के तहत किया गया है।
ईसीसीई एजुकेटरों की नियुक्ति 3 से 6 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों को औपचारिक विद्यालय-पूर्व शिक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से की जा रही है। इनका दायित्व बच्चों के भौतिक, मानसिक, सामाजिक, संवेगात्मक एवं अकादमिक विकास हेतु उपयुक्त शिक्षण वातावरण का सृजन करना तथा आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति में सहयोग प्रदान करना होगा। निपुण भारत मिशन के अंतर्गत निर्धारित अधिगम स्तर की प्राप्ति सुनिश्चित करना भी इनकी प्रमुख जिम्मेदारियों में शामिल रहेगा।
ईसीसीई एजुकेटर खेल-आधारित एवं गतिविधि-आधारित शिक्षण पद्धति के माध्यम से बच्चों के संवेगात्मक एवं संज्ञानात्मक विकास पर विशेष बल देंगे। रंग, आकार, ध्वनि, वस्तुओं एवं प्राकृतिक परिवेश जैसे पेड़-पौधे, पक्षी, जानवर आदि से संबंधित गतिविधियों का प्रयोग करते हुए बच्चों में जिज्ञासा एवं सीखने की रुचि विकसित की जाएगी। इसके अतिरिक्त खेल, नाटक, पिकनिक, क्षेत्र भ्रमण, संगीत, हस्तकला एवं अन्य रचनात्मक क्रियाकलापों की कार्ययोजना बनाकर गुणवत्तापरक एवं आनंददायी शिक्षण वातावरण सुनिश्चित किया जाएगा।
जिलाधिकारी श्री अनुपम शुक्ला ने बताया कि प्रदेश सरकार प्रारम्भिक शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने, नौनिहालों के समग्र विकास तथा विद्यालय-पूर्व शिक्षा को सुदृढ़ आधार प्रदान करने के उद्देश्य से यह अभिनव व्यवस्था लागू कर रही है। ईसीसीई एजुकेटरों की तैनाती राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप प्रारम्भिक बाल्यावस्था शिक्षा को संस्थागत रूप से मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
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