*मानदेय समय से न मिलने के कारण शिक्षामित्रों में नाराजगी*
*शासनादेश जारी होने के डेढ़ वर्ष बाद भी नहीं हुई शिक्षामित्रों की मूल विद्यालय वापसी*
निराला साहित्य संवाद,
अम्बेडकर नगर। जनपद के शिक्षामित्रों में समय से मानदेय न मिलने व शाशना देश होने के डेढ़ वर्ष बाद भी शिक्षामित्रों की मूल विद्यालय वापसी स्थानांतरण की प्रक्रिया पूरी न होने कारण शिक्षामित्रों में नाराजगी व्याप्त है। शिक्षामित्रों को 11 महीने का अल्प मानदेय दिया जाता है। अल्प मानदेय वह भी समय से न मिलने के कारण शिक्षामित्रों को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है तथा परिवार चलाना मुश्किल हो जाता है। जिसे लेकर शिक्षामित्रों में घोर नाराजगी है। शिक्षामित्र शिक्षक संघ अम्बेडकर नगर के जिला अध्यक्ष व शिक्षामित्र केयर समिति के जिला संयोजक राम चन्दर मौर्य ने कहा कि शिक्षामित्र 26 वर्षों से प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षकों के समान शिक्षण कार्य कर रहे हैं। फिर भी सरकार द्वारा शिक्षामित्रों के साथ दोहरा मापदंड अपनाते हुए मात्र 11 महीने का मानदेय दिया जा रहा है। वहीं विभागीय अधिकारियों की कार्यशैली में उदासीनता के चलते शिक्षामित्रों का मानदेय समय से नहीं मिल पा रहा है। जनवरी 2025 में शिक्षामित्रों के मूल विद्यालय वापसी स्थानांतरण का शासनादेश जारी होने के डेढ़ वर्ष बाद भी अभी तक पूरी न होने पर शिक्षामित्रों ने नाराजगी जताई है। जिलाध्यक्ष जिला संयोजक राम चन्दर मौर्य ने शिक्षामित्रों के मई माह का मानदेय शीघ्र दिलाये जाने व मूल विद्यालय वापसी की प्रक्रिया शीघ्र पूरा किए जाने की मांग सहित सरकार से शिक्षामित्रों को जून माह का मानदेय दिलाने व सेवा काल 62 वर्ष किये जाने व नियमितीकरण की मांग किया है। शिक्षामित्रों को कैशलेश चिकित्सा व्यवस्था पर सरकार का आभार जताया।

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