जनजीवन पर भारी पड़ रही है अकबरपुर नगर पालिका प्रशासन की लापरवाही
* विगत तीन महीना से पुराना तहसील तिराहा से अयोध्या रोड पर जगह-जगह लगा है मलवों का अंबार, दिन-रात लोगों को करना पड़ रहा है जाम का सामना।
* नगर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त, कूड़ों- कचरों से फटी पड़ी है नालियां व नाले, महीनों से नहीं हो रही है सफाई और स्वच्छता सर्वेक्षण की निकल गई है हवा।
अंबेडकर नगर। भारतीय नागरिक कल्याण समिति के अध्यक्ष ब्रह्माकुमार त्रिमूर्ति ने अकबरपुर नगर पालिका प्रशासन पर संवेदनहीन बनकर काम करने का आरोप लगाते हुए मीडिया को बताया कि नगर पालिका प्रशासन की लापरवाही जनजीवन पर भारी पड़ रही है। नगर के मुख्य मार्गो से लेकर वार्डों के अंदर साफ सफाई व जल निकासी व्यवस्था का बहुत बुरा हाल है। नगर पालिका के प्रभारी अधिशासी अधिकारी से लेकर वार्ड सभासदों को नागरिक हितों से जैसे कोई वास्ता ही नहीं है।
उन्होंने पुराना तहसील तिराहा से अयोध्या जाने वाले सड़क पर जगह-जगह लगे मलवों के ढेर का हवाला देते हुए बताया कि विगत लगभग 3 महीना अर्थात जब से मुख्य मार्ग पर अतिक्रमण मुक्त करने के लिए स्थानीय प्रशासन द्वारा अभियान चलाया गया है। सड़क पर आवागमन करने वाले वाहनों से लेकर आम नागरिकों को जाम का दिन रात सामना करना पड़ रहा है। सड़क पर तो मलवों का ढेर लगा ही है, सड़क के किनारे बने नल भी मलवों से पटे पड़े हैं। जिसके कारण थोड़ा भी बरसात होने पर मुख्य मार्ग पर जल भराव हो जाता है और लोगों को कचरो में से होकर गुजरना पड़ता है। रही बात नगर के साफ सफाई व्यवस्था की तो पूरे नगर की साफ-सफाई व्यवस्था चरमरा गई है। विगत लगभग 1 वर्ष से सफाई कर्मियों पर नगर पालिका प्रशासन का नियंत्रण समाप्त हो गया है। सफाई नायकों से लेकर सफाई कार्यो की निगरानी के लिए तैनात किए गए लोगों को जैसे नगर के साफ सफाई से कोई वास्ता ही नहीं है। सफाई कर्मचारी तो बेलगाम हैं ही, जिसके कारण नगर के मुख्य मार्गों पर सड़कों के किनारे बने नालों-नालियों के साथ-साथ वार्डों के अंदर भी गलियों व नालियों में गंदगी का अंबार देखा जा सकता है। नालो और नालियों में कूड़ा पटा होने के कारण जल निकासी भी नहीं हो पाता है। जिसके परिणाम स्वरूप नालियों-नालों में जल भराव होने से मच्छरों का भयंकर रूप से प्रजनन हो रहा है। दिन-रात मच्छरों के प्रकोप का सामना नगर वासियों सहित आम जनमानस को करना पड़ रहा है। इस तरह से नगर पालिका प्रशासन की लापरवाही जनजीवन पर भारी तो पढ़ ही रही है, भारत सरकार द्वारा चलाए जा रहा स्वच्छता सर्वेक्षण अभियान और स्वच्छ भारत मिशन अपने उद्देश्यों से भटक गया है।
साभार ब्रम्हकुमार त्रिमूर्ति

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