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भ्रष्टाचार को लेकर जीरो टॉलरेंस की बात करना आसान लेकिन काम कठिन- त्रिमूर्ति

 

भ्रष्टाचार को लेकर जीरो टॉलरेंस की बात करना आसान लेकिन काम कठिन-  त्रिमूर्ति 

* जिले के तहसील, थाना और विकास खंड बने भ्रष्टाचार के प्रमुख केंद्र बिंदु

* जिले में "होत न आज्ञा बिन पैसा रे" वाली कहावत हो रही है चरितार्थ 

अंबेडकर नगर।  भ्रष्टाचार को लेकर शासन-प्रशासन द्वारा जीरो टॉलरेंस की बात करने पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए भारतीय नागरिक कल्याण समिति के अध्यक्ष ब्रह्म कुमार त्रिमूर्ति ने कहा कि भ्रष्टाचार को लेकर जीरो टॉलरेंस की बात करना हर किसी के लिये बहुत आसान है लेकिन काम करना बहुत कठिन है। वर्तमान में हालात यह है कि जिले का कोई भी विभाग भ्रष्टाचार से अछूता नहीं है। जिले के तहसीलों, थानों व ब्लॉकों में भ्रष्टाचार, घूसखोरी और कमीशन खोरी का खेल लंबे समय से चल रहा है।

              सोमवार को मीडिया के लिए एक प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए उन्होंने कहा कि जिले के तहसील, थाना और विकास खण्डों में भ्रष्टाचार को लेकर खुला खेल फर्रुखावादी चल रहा है। इसके अलावा  किसी भी विभाग को ले लिया जाए तो सभी के सभी भ्रष्टाचार में आकंठ हैं। वर्तमान समय जिले में "होत न आज्ञा बिन पैसा रे" वाली कहावत चरितार्थ हो रही है। आम लोगों को अथवा पीड़ित व सताए लोगों को कहीं न्याय नहीं मिल पा रहा है। जिला अधिकारी पुलिस अधीक्षक सहित सभी अधिकारियों के यहां जनता दर्शन से लेकर तहसीलों और थानों में आयोजित होने वाले जनसुनवाई कार्यक्रमों में उमड़ती भीड़ को देखकर आसानी से अंदाजा लगाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि यदि वास्तव में भ्रष्टाचार को लेकर जीरो टॉलरेंस पर काम करना है तो सबसे पहले सिस्टम को सही करना होगा।

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