*जनपद के 506 आंगनबाड़ी केंद्र होंगे ‘सक्षम’, बच्चों के पोषण व प्रारंभिक शिक्षा को मिलेगी नई मजबूती*
*आंगनबाड़ी केंद्रों के सुदृढ़ीकरण में उल्लेखनीय प्रगति: 98.37% बच्चों का वजन, 120 केंद्रों को मिली प्री-स्कूल किट*
*पोषण, शिक्षा और संसाधनों से सशक्त बन रहे आंगनबाड़ी केंद्र, 506 केंद्रों को सक्षम बनाने की पहल*
अम्बेडकर नगर। 23 फरवरी 2026 शासन के मंशानुसार जिला प्रशासन के प्रभावी प्रयासों से जनपद में आंगनबाडी केन्द्रों के सुदृढीकरण एवं बाल पोषण से संबंधित कार्यों में उल्लेखनीय प्रगति हो रही है। इसी क्रम में जनपद के 506 आंगनबाड़ी केन्द्रों को सक्षम आंगनबाड़ी केन्द्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। इस अभियान के अंतर्गत पोषण वाटिका एवं बाला पेंटिंग का दायित्व पंचायतीराज विभाग को सौंपा गया है. जबकि रेन वाटर हार्वेस्टिंग का कार्य लघु सिंचाई विभाग द्वारा कराया जा रहा है। सभी संबंधित विभागों द्वारा अभियान चलाकर इन कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण कराया जा रहा है। इन कार्यों की जिलाधिकारी के निर्देशानुसार बाल विकास परियोजना अधिकारियों एवं खण्ड विकास अधिकारियों द्वारा नियमित मॉनीटरिंग भी की जा रही है, जिससे कार्यों की गुणवत्ता एवं समयबद्धता सुनिश्चित हो सके।
जनपद में बाल स्वास्थ्य एवं पोषण को लेकर भी कार्य किया जा रहा है। शून्य से 6 वर्ष तक के बच्चों का वजन 98.37 प्रतिशत सफलता के साथ कराया गया, जबकि आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों द्वारा गृह भ्रमण का कार्य 97.27 प्रतिशत तक पूर्ण किया गया है। यह उपलब्धि जनपद में बच्चों के स्वास्थ्य एवं पोषण के प्रति प्रशासन की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
जिला प्रशासन के सहयोग से जनपद में आंगनबाडी केन्द्रों पर बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। खनन विभाग द्वारा जनपद के 120 आंगनबाडी केन्द्रों के लिए प्री-स्कूल किट उपलब्ध कराई गई है, उपलब्ध कराई गई प्री-स्कूल किट के माध्यम से आंगनबाड़ी केन्द्रों पर बच्चों को खेल खेल में सीखने का अवसर मिलेगा। इन किटों में शैक्षिक सामग्री, खिलौने एवं अन्य उपयोगी उपकरण शामिल हैं, जो बच्चों के बौद्धिक, मानसिक एवं रचनात्मक विकास में सहायक होंगे। जिला प्रशासन द्वारा किए जा रहे इन प्रयासों से आंगनबाड़ी केन्द्रों पर बच्चों के लिए बेहत्तर शिक्षण वातावरण तैयार हो रहा है तथा प्रारंभिक बाल शिक्षा को भी मजबूती मिल रही है। प्रशासन का उद्देश्य है कि आंगनबाड़ी केन्द्रों के माध्यम से बच्चों को बेहतर पोषण के साथ-साथ गुणवत्तापूर्ण प्रारंभिक शिक्षा भी उपलब्ध कराई जा सके।
इसके अतिरिक्त वित्तीय वर्ष 2024-25 में स्वीकृत 15 आंगनबाड़ी केन्द्रों में से 12 आंगनबाड़ी केन्द्रों का निर्माण कार्य पूर्ण कर लिया गया है। शेष 03 आंगनबाड़ी केन्द्रों के निर्माण कार्य को शीघ्र पूर्ण कराने हेतु मुख्य विकास अधिकारी द्वारा कार्यदायी संस्था को अविलम्ब शेष कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं।
जिला प्रशासन द्वारा जनपद में आंगनबाडी सेवाओं को और अधिक सुदृढ एवं प्रभावी बनाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं, जिससे बच्चों, गर्भवती एवं धात्री माताओं को बेहतर पोषण एवं सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।

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