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तुलसी स्मारक भवन अयोध्या धाम में विश्व हिंदी दिवस के शुभ अवसर पर आयोजित हुई संगोष्ठी

 

*तुलसी स्मारक भवन अयोध्या धाम में विश्व हिंदी दिवस के शुभ अवसर पर आयोजित हुई संगोष्ठी*

निराला साहित्य संवाद,

अयोध्या। हिंदी के विश्व व्यापी विकास के लिए भारत सरकार को चैत्नयता से सक्रिय होकर हिंदी को राष्ट्र भाषा घोषित करना होगा तभी देश का वास्तविक विकास होगा,जैसा कि दुनियाँ के तमाम देशअपनी-अपनी राष्ट्र भाषा कोआत्मसात कर विकसित देशों कीश्रृंखला में स्थापित हैंl उक्त उद्गार आज यहां हिन्दी प्रचार प्रसार सेवा संस्थान व अंतर्राष्ट्रीय रामायण एवं वैदिक शोध संस्थान के संयुक्त तत्वाधान में (तुलसी स्मारक भवन) अयोध्या धाम में विश्व हिंदी दिवस के शुभ अवसर पर आयोजित संगोष्ठी में मुख्य अतिथि के रूप में बोलते हुए अपरआयुक्त प्रशासनश्रीअजय कांत सैनी ने व्यक्त कियाlअपने अध्यक्षीय उद्बोधन में संबोधित करते हुए दशरथ गद्दी अयोध्या के  यशस्वी श्रीमहंत बृज मोहन दास ने कहा कि मातृभाषा हिंदी अपने सुमधुर पद लालित्य एवं मृदुलता,सहजता सरलता की वजह से विश्व व्यापी स्वरूप हासिल कियाl विशिष्ट अतिथि के रूप में संत मिथिला बिहारी दास जी महाराज ने कहा कि हिंदी राम कथा में संत तुलसीदास जी द्वारा रचित रामचरितमानस की वजह से विश्व प्रसिद्ध हुई!विशिष्टअतिथि के रूप में बोलते हुए एस.ओ.सी.अम्बेडकरनगर राज किशोर मौर्य ने कहा कि हिंदी को जब तक राष्ट्रभाषा नहीं घोषित किया जाता तब तक वह अपना वास्तविक स्वरूप नहीं प्राप्त कर सकतीl मुख्य वक्ता के रूप बोलते हुए गोरखपुर के पूर्व भाजपा जिला अध्यक्षअनिल कुमार सिंह ने कहा कि हिंदी की समृद्धता उसकेअपनत्वमई भाषा स्वभाव के कारण ही आज संपूर्ण विश्व में दूसरी सबसे अधिक बोली जाने वाली भाषा के रूप में विख्यात है ।समाज सेवी प्रधान शशि प्रभा सिंह ने कहा कि हिन्दी हमारे दिलों में बसती हैं ये भारत मां की बिंदी हैंl समारोह में भव्य काव्योत्सव का आयोजन किया गया जिसमें प्रमुख रूप से आशु कविअशोक"टाटम्बरी"शैलेंद्र पांडेय"मासूम"लखनवी, रामानंद"सागर",चंद्रगत भारती, अंकिता तिवारी,पूनम मिश्रा, सुनीता पाठक"आभा",रमणीक  पांडेय"राजन",प्रतिभा तिवारी, वन्दना सिंहअधिवक्ता,विमलेश यादव,कामेश मणि पाठक,सहित तमाम कवियों ने अपनी काव्य रचनाओं के माध्यम से शमाँ बांधा l समारोह का संचालन करते हुए हिंदी संस्थान के राष्ट्रीय महामंत्री डॉ.सम्राट अशोक मौर्य ने कहा कि हिंदी के समृद्ध हुए बगैर हमारी संस्कृति और सभ्यता समृद्ध नहीं हो सकती उक्त अवसर पर उन्होंने आए हुए समस्त साहित्य प्रेमियों का हार्दिक आभार व्यक्त करते हुए हिंदी को राष्ट्रभाषा बनाने के इसआंदोलन में अपनी सक्रिय भूमिका निभाने की अपील कीl उक्त अवसर पर समारोह को संबोधित करने वाले प्रमुख साहित्य प्रेमियों में संस्थान की राष्ट्रीय सचिव आचार्य शशि मौर्य,राष्ट्रीय उपाध्यक्ष विंध्यवासिनीशरण पांडिया,संरक्षक मंडल सदस्य अनिरुद्ध प्रसाद शुक्ल,जनहित सत्ता के ब्यूरो प्रमुख रामकेर सिंह,प्रदेश अध्यक्ष दिनेश कुमार सिंह "वत्स,"प्रदेश महामंत्री डॉ.एस.पी.द्विवेदी, "साहित्य सम्राट"के मया संवाददाता अरुण कुमार सिंह,मंडलीय प्रभारी डॉ.अनुराधा मौर्य,जिला अध्यक्ष काजल पाठक,गुड़िया त्रिपाठी,विद्युत विभाग के एस.डी.ओ.संजय कुमार सैनी, हरिशंकर सिंह कुशवाहा, पत्रकारआकाश सोनी,रूबी सोनी,रूपेश श्रीवास्तव,नौशाद आलम,केतकी निषाद,अजय श्रीवास्तवअज्जू ,सुबोध श्रीवास्तव,संतोष तिवारी,अनूप श्रीवास्तव,सोनाली साहू,प्रशांत शुक्ला,सिद्धार्थश्रीवास्तव, सुनील कुमार यादव,श्री चंद्र यादव,अंकुर पांडेय,चंद्रधर दिवेदी,पूजा शर्मा,नीलम श्रीवास्तव,मीनू यादव, प्रियाश्रीवास्तव,शंकरदयाल पांडेय,गीतामिश्रा,आदि रहे।समारोह में उपस्थित रहने वाले प्रमुख साहित्य प्रेमियों में व्यापार मंडल के पंकज गुप्ता,म.दिनेश दास जी, शीलाद्विवेदी,आचर्य स्कन्द दास,रामजी कुशवाहा,परमानंद दास,जल पुलिस प्रभारी रुबेप्रताप मौर्य,नित्यानंद यादव,ओम प्रकाश सैनी,संजय यादव,लक्ष्मी पांडेय,नीलम सिंह,नीलम श्रीवास्तव,आकाश गुप्ता,डा.रामकरन सिंह कुशवाहा,पवन पांडेय,राम लली सोनी,इति प्रकाश मौर्य,सत्य नारायण मौर्य,आर.डी.वर्मा,आदि रहे।

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