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विभाजन की विभीषिका को याद कर सामाजिक सद्भाव और एकता का संकल्प,कलेक्ट्रेट में मनाया गया विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस

 



*विभाजन की विभीषिका को याद कर सामाजिक सद्भाव और एकता का संकल्प,कलेक्ट्रेट में मनाया गया विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस*

 अम्बेडकरनगर। 14 अगस्त 2026, अपनी मातृभूमि के उन परिवारों को नमन करते हुए जिन्हें भारत के विभाजन के दौर में अपने परिवारजन के प्राण न्योछावर करने पड़े, ऐसे लोगों की स्मृति में आज दिनांक 14 अगस्त 2026 को विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के रूप में मनाया गया। इस अवसर पर कलेक्ट्रेट परिसर में विभाजन विभाषिका से संबंधित अभिलेख प्रदर्शनी एवं गोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसमें तत्कालीन घटनाक्रम के फोटो, अखबारों की कतरने सहित राजकीय अभिलेख, स्थापित परिवारों की संरक्षित सामग्री आदि का प्रदर्शन किया गया। 
       इस अवसर पर माननीय सदस्य विधान परिषद श्री हरिओम पांडेय, जिलाधिकारी श्रीमती ईशा प्रिया, अपर जिलाधिकारी न्यायिक रंजीत सिंह, प्रशिक्षु आईएएस थनिगईयरसन टी, डीसी एनआरएलएम, विभाजन विभीषिका से प्रभावित परिवारों से श्री धर्मवीर बग्गा व श्री त्रिलोक सिंह आदि ने प्रदर्शनी के प्रत्येक पोस्टर को देखा और उसके माध्यम से प्रस्तुत संदेश की जानकारी ली। इस दौरान अधिकारियों के साथ जनसामान्य ने भी प्रदर्शनी का अवलोकन किया। लोगों ने पोस्टरों में दिखाई गई घटनाओं को ध्यान से देखा और विभाजन के दौरान अपने पूर्वजों द्वारा झेली गई परिस्थितियों को याद किया।
         इस अवसर पर कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में आयोजित गोष्ठी में माननीय सदस्य विधान परिषद श्री हरिओम पांडे ने कहा कि विभाजन भारतीय इतिहास की अत्यंत बड़ी त्रासदी थी। इस दौरान बड़ी संख्या में लोगों ने अपने स्वजन खोए और लाखों लोगों को विस्थापन का दंश झेलना पड़ा। विभाजन किसी भी समस्या का समाधान नहीं होता, बल्कि इससे नई समस्याएं जन्म लेती हैं। इसलिए समाज को एकता, संगठन, सामाजिक सद्भाव और मानवीय संवेदनाओं को मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम एवं प्रदर्शनी का उद्देश्य विभाजन की पीड़ा से सीख लेकर आने वाली पीढ़ियों को नफरत और हिंसा के दुष्परिणामों के प्रति सचेत रहना  होगा।  
     इस अवसर पर जिलाधिकारी ने कहा कि 14 अगस्त को विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के रूप में मनाने का उद्देश्य विभाजन के दुखद अध्याय को याद करना और उसके दुष्परिणामों से वर्तमान तथा भावी पीढ़ियों को अवगत कराना है। यह दिवस समाज में एकता, सामाजिक सद्भाव और मानवीय संवेदना के महत्व को रेखांकित करता है।
    इस अवसर पर विभाजन के समय पाकिस्तान से भारत आए परिवार के सदस्यों को अंगवस्त्र भेंटकर सम्मानित किया गया। प्रभावित परिजनों द्वारा कार्यक्रम में विभाजन के समय अपने परिवार द्वारा झेली गई विषम परिस्थितियों को साझा किया। उन्होंने भावुक होकर कहा कि आज परिवार की उस पीड़ा को याद करते हुए सम्मान मिलना उनके लिए विशेष अनुभव है। उन्होंने माननीय प्रधानमंत्री जी एवं माननीय मुख्यमंत्री के साथ ही प्रशासन का आभार जताया। इस अवसर पर विभाजन विभीषिका विषय पर आधारित लघु फिल्म भी प्रदर्शित की गई तथा विभाजन विभीषिका से प्रभावित परिवारों के परिजनों यथा तहसील टांडा निवासी समाजसेवी श्री धर्मवीर बग्गा एवं श्री त्रिलोक सिंह को अंग वस्त्र भेंटकर सम्मानित किया गया।

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