*प्रेस क्लब में चंदा चोरों की जीत पर पत्रकार समाज में निराशा*
अम्बेडकर नगर। निराला साहित्य समाचार पत्र के संपादक ने प्रेस क्लब कमेटी को चंदा चोर बताया। बताते चलें प्रेस क्लब अम्बेडकर नगर द्वारा 2019 में निराला साहित्य समाचार पत्र की महिला संपादक व अन्य संपादक पत्रकारों से 500 रूपए सदस्यता शुल्क के नाम पर जमा कराने के सात बर्ष बाद भी प्रेस क्लब अम्बेडकर नगर की सदस्यता सूची में नाम शामिल नहीं किया गया। बिना नियम कानून चुनाव शुल्क के नाम पर भी बड़े पैमाने पर वसूली की गई। चंदा चोर पदाधिकारियों द्वारा बड़े पैमाने पर संपादकों पत्रकारों का नाम सूची में न शामिल कर तथा शामिल हुए नामों को हटाकर धूर्तता और बेइमानी की सारी हदें पार कर अपनी जीत सुनिश्चित करने के लिए बड़े पैमाने पर सूची में हेराफेरी कर जीत हासिल किया गया। प्रेस क्लब अम्बेडकर नगर के चंदा चोर पदाधिकारियों द्वारा अभी तक इसका कोई जवाब नहीं दिया जा सका कि सदस्यता शुल्क जमा कराने के सात बर्ष बाद नाम क्यों नहीं जोड़ा, सूची में शामिल नाम क्यों हटाया, निराला साहित्य समाचार पत्र के जिला संवाददाता (मान्यता प्राप्त पत्रकार) का नाम शामिल क्यों नहीं किया। बड़ी संख्या में जनपद के बहुत से समाचार पत्रों के संपादको और जिला संवाददाताओं का नाम सदस्यता सूची में शामिल क्यों नहीं किया गया इन गंभीर सवालों का जवाब किसी के पास नहीं है। यदि सभी जायज सदस्यों को सूची में शामिल किया गया होता तो जीत हार में प्रवर्तित हों जाती। मनमानी पूर्ण सूची में अनियमितता कर असंवैधानिक तरीके से चुनाव कराकर जीत कोई जीत नहीं। इस जीत को बधाई देना निर्लज्जता पूर्ण हैं। प्रेस क्लब की इस तरह की कार्य शैली पत्रकार समाज के लिए अभिशाप के समान है।यह अम्बेडकरनगर के पत्रकार साथियों के लिए बड़ी चिंतनीय व निंदनीय विषय है कि प्रेस क्लब के पदाधिकारियों द्वारा पत्रकारों के वर्तमान व भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है।

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